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Study Bollywood Dil bechara review - हिंदी में

Dil bechara review – हिंदी में

नमस्कार दोस्तो मैं हूं अनिल । जब आप किसी से सच्चा प्यार करते हो और वो रिश्ता टूट जाता है तो खुद को संभालना बहुत मुश्किल होता है । आपको हर जगह वही एक इंसान दिखाई देता है । मोबाइल पर बजी हर एक घंटी उसी का कॉल लगती है । फोन पर बजी हर एक बीप उसका मैसेज लगती आपके लिए खुद को समझाना बड़ा मुश्किल होता है कि वो शख्स जिसे आप कितना प्यार करते थे और वो आपसे इतना प्यार करता था वो अब आपके साथ नहीं।

सुशांत के जाने के बाद उनके करोड़ों चाहने वाले उनके फैन्स का भी यही हाल था । लोगों ने Youtub पर मौजूद उनका हर एक वीडियो देखा उनकी हर दिन दुबारा देखी उनके गानों को लूप पर सुना । टीवी से लेकर सोशल मीडिया तक उनसे जुड़ी हर एक खबर को फॉलो किया । सुशांत के जाने के बाद उन्हें देखने और जान लेने की प्यास इतनी बढ़ गई कि उसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।

अब इन सब भावनाएँ के बीच सुशांत की एक नई फिल्म को देखना कैसा Experience रहा होगा खुद ही समझ सकते हैं वो भी एक ऐसी फिल्म जो प्यार जज्बात और मौत की कहानी बताती है जो बताती हैं कि लाइफ कितनी है इस पर तो हमारा बस नहीं है लेकिन उसे कैसे जीना है ये पूरी तरह हमारे हाथ में है । सुशांत भी असल में Kizie नाम के एक ऐसे लड़के का किरदार निभाएंगे जो खुद कैंसर से जूझ रहा है मगर वो Manny नाम की एक ऐसी लड़की को चेकअप कराएं जो खुद भी कैंसर से जूझ रहे सुशांत को बताए कि उसके पास ज्यादा जिंदगी नहीं लेकिन वो उसे ऐसे जीते हैं मानो जितनी भी जिंदगी है उसमें वो सब कुछ कर लेना चाहते हैं।

Manny एक बिंदास लड़का है जिसे हर वक्त मजाक करना पसंद है । दिल की बात कहने से हिचकिचाता नहीं है । रजनीकांत का दीवाना है । वहीं Kizie थोड़ी संजीदा किस्म की वो तड़क भड़क के बजाय मीनिंगफुल म्यूजिक सुनती है । इससे पहले कि मैं फिल्म पर आगे बात करूं ये कहने में मुझे कोई हर्ज नहीं है कि इस फिल्म को फिल्म की तरह दिखाई नहीं जा सकता है। आपके लिए यकीन करना मुश्किल होता है कि पर्दे पर Manny का किरदार निभा रहे सुशांत हमारे बीच नहीं हैं । ये देख आपको बुरा लगता है कि जो शख्स फिल्म में इतनी बड़ी बीमारी के बावजूद खुद को इतना Motivated रखा जाए वो असल जिंदगी में खुद कितना परेशान और अकेला महसूस कर रहा हैं।

खैर Manny और Kizie जब मिलते हैं तो एक दूसरे को बदलने लगते हैं । एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं बावजूद ये जानते हुए कि उनके प्यार की उम्र बहुत लंबी नहीं है । फिल्म के जरिए मौत पर कई दफे मजाक भी किया गया । रहमान साहब का संगीत संजीदा फिल्म के इमोशंस को और संजीदगी से बाहर लाता है । फिल्म में कुछ खामियां भी हैं लेकिन फिल्म में सिर्फ सुशांत का होना ऐसी किसी भी खामी पर ज्यादा देर तक आपका ध्यान टिकने नहीं देता । फिल्म की आखिरी 15 20 Minutes बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग बेहद इमोशनल है जो Manny पूरी फिल्म में किसी की सेहत उसके सपनों उसकी खुशियों की बात करता है । एक दिन उसे पता चलता है कि उसकी खुद की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ चुकी है ।

मगर यहां भी वो अपनी जिंदादिली छोड़ता नहीं उठे और जाकर अपने पसंदीदा रजनीकान्त की फिल्म देखता है । वहां उसकी तबीयत और बिगड़ जाती मगर फिर भी वहां से जाना नहीं चाहता । फिर एक दिन वो Kizie को फोन करके चर्च बुलाता है । Manny चाहता कि उसका बेस्ट फ्रेंड और Kizie उसे मंच पर कर ये सुनाएं कि उसके मरने के बाद वो उसके बारे में क्या कहेंगे । इस सीन में Kizie जब Manny की तारीफ करते हुए रो पड़ती है तो आपके लिए भी खुद को संभालना बड़ा मुश्किल हो जाता है । अपनी मौत से पहले दोस्तों की तरफ से खुद के बारे में की गई अच्छी बातों को सुनते सुशांत का चेहरा परेशान देखा नहीं जाता । आप पर्दे और असल जिंदगी में फर्क नहीं कर पाते । ये सीन किसी को भी तोड़ देने की हद तक Emotional है।

खैर इसके बाद फिल्म में क्या होता है सुशांत का किरदार बचता है या नहीं Kizie का क्या होता है ये जानने के लिए मैं चाहूंगा कि आप इस फिल्म को जरूर देखें । लेकिन इस आखिरी सीन ने मुझे बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया कि Manny की जिद पर उनका दोस्त और Kizie उसके सामने उसे ये बताते कि मैनी उनके लिए क्या मायने रखता है । वो दोनों ही उसे कितना चाहते हैं । मैं सोचता काश । सुशांत ने असल जिंदगी में भी अपने चाहने वालों को एक बार ऐसा मौका दिया होता । उनके करोड़ों फैन्स जो आज उनके जाने के इतने दिनों बाद भी खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं । अगर सुशांत जान पाते कि लोग उनसे कितना प्यार करते थे तो वो शायद कभी ऐसा कदम नहीं उठाते।

बेशक उनकी लाइफ में ऐसे कई लोग होंगे जिन्होंने सुशांत को बहुत हर्ट किया होगा लेकिन सुशांत के चाहने वालों के सामने तो उनकी तादाद कुछ भी नहीं थी और दोस्तों आखिर में बस मैं आपसे यही कहूंगा आप भी लाइफ में कभी किसी की बात से हर्ट हुए होंगे । किसी के व्यवहार से दुखी हुए हों और अपने बारे में अगर बुरा सोचने लगे हों तो उससे पहले बस एक बार उन लोगों के बारे में जरूर सोच लीजिएगा जो आपको सच में बहुत प्यार करते हैं । आपके Friends आपके माता पिता मतलब कुछ बुरे लोगों की वजह से खुद के साथ गलत कर लेना उन चाहने वाले लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है जिनका प्यार उस नफरत से कहीं ज्यादा बड़ा है स्पेशल है।

बाकी मेरा अभी दिल नहीं मानता कि सुशांत खुद के साथ इतना बुरा कर सकते लेकिन सच में अगर ऐसा ही है जैसा बताया जा रहा है तो इस बात की तकलीफ हम सबको जिंदगी के रहने तक रहेगी और चलते चलते बस इतना ही कहना चाहूंगा कि जो जीवन में जीना चाहिए मुश्किलों से नहीं डरा करते हैं तुझको देखा तब ये जाना किरदार नहीं मरा करते

Anil Srivastava
नमस्कार, मैं Anil Srivastava, TanvisH का Technical Author & Co-Founder हूँ! मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे!

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