Study History वडोदरा शहर की संस्कृति और इतिहास

वडोदरा शहर की संस्कृति और इतिहास

सोच कर बताइए कि जिस शहर में आप रहते हैं उसमें क्या क्या Specialty और Facilities होनी चाहिए सोचिए-सोचिए बड़ा शहर होना चाहिए और Organised system होना चाहिए Friendly people होने चाहिए Development होना चाहिए Tourist Places होने चाहिए। Festival की बात हो सकती है Yummy Food और ढेर सारा Fun तो बिल्कुल ऐसा बहुत कुछ है गुजरात के वडोदरा शहर में भी तो ऐसे में क्यों न आज हम गुजरात के इस खूबसूरत और प्रसिद्ध शहर के बारे में जानें tanvish.in पर Hi, hello नमस्कार दोस्त और अब हम Journey पर चलते हैं वडोदरा की। तो चलिए सबसे पहले आपको वडोदरा से जुड़ी सारी Interest information इस पोस्ट के जरिए हम बताएंगे ताकि इस शहर की खूबसूरती और खास पहचान के बारे में आपको भी पता चल सके और आप इस खूबसूरत शहर की सैर करने के लिए बेताब हो जाए।

वडोदरा नाम कहां से आया

वडोदरा शब्द वाटोदर बर्ड से बना है जिसका मतलब होता है बरगद के पेड़ का पेट और इन बरगद के पेड़ों से जुड़ी कहानी कुछ यूं है कि वडोदरा गुजरात में विश्वामित्र नदी के किनारे स्थित है और इस नदी के किनारे मिले अवशेष बताते हैं कि पहले इस नदी के आसपास एक बड़ यानी बरगद के पेड़ों का घना जंगल हुआ करता था जिसे बड़ पत्रक नाम से जाना जाता था और वही स्थान आज वडोदरा बन गया है। अंग्रेजों के समय में इसका नाम बड़ौदा रख दिया गया और 1971 में उसे बदलकर वडोदरा कर दिया गया।

वडोदरा शहर का इतिहास

इस शहर के सबसे पहली जानकारी 812 ईस्वी के राजपत्र में दी गई है जिसमें इसका नाम वादपदक बताया गया था। इस खूबसूरत शहर में बहुत सी वंशों का शासन रहा जैसे चालुक्य, सोलंकी, बघेल, दिल्ली और गुजरात के सुल्तान जबकि इस शहर को विकसित करने और खूबसूरत बनाने में बाबी नवाब मराठा सेनापति बालाजी गायकवाड़ और महाराजा सयाजीराव तृतीय का बहुत बड़ा हाथ रहा है। बड़ोदरा शहर गुजरात के बीच में स्थित है विश्वामित्र नदी शहर को दो भागों में बांटती है वडोदरा का पुराना शहर नदी के पूर्वी किनारे पर बसा है जबकि पश्चिमी किनारे पर बड़ोदरा का नया शहर है इस शहर की संस्कृति इतनी प्रभावी है कि इसे City of culture यानी संस्कारी शहर के नाम से भी जाना जाता है।

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वैसे तो गरबा गुजरात एक दूसरे के पर्याय हैं लेकिन वडोदरा में गरबे की धूम सबसे ज्यादा होती है इसके अलावा यहां पर होली दिवाली जैसे त्योहारों के अलावा उत्तरायण जैसे पर्व भी धूमधाम से मनाए जाते हैं। वडोदरा गुजरात का एक तेजी से बढ़ता हुआ शहर है जो अहमदाबाद और सूरत के बाद Thought Largest City of Gujarat है। इंडिया का Power hub कहे जाने वाले इस शहर की Population लगभग 21 लाख है। यह Cultural City, Industrial City भी है जो भारत की Economy में बड़ा Role play करती है। जमशेदजी टाटा जैसे Great industrialist इसी शहर से बिलांग करते थे यह शहर Furniture, Textile और Handicraft के व्यापार में अपनी खास पहचान रखता है। जहां तक Tourist Places की बात की जाए तो यहां पर इतने खूबसूरत महल, द्वार, गार्डन्स, स्मारक, और संग्रहालय है कि आप देखते रह जाएंगे।

लक्ष्मी विलास पैलेस

यहां आ कर के आप लक्ष्मी विलास पैलेस को जरूर देखिए जो इंडिया की सबसे शाही महलों में से एक है। इस महल में महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ का परिवार रहा करता था । यह महल लगभग 700 एकड़ एरिया में फैला हुआ है और लंदन के Buckingham Palace से 4 गुना बड़ा है। इतना ही नहीं इस आलीशान महल का अपना एक गोल्फ कोर्स भी है Indo saracenic में बने इस महल की खूबसूरती कारीगरी और भव्यता देखने के लिए यहां पर दूर दूर से लोग आते हैं।

सयाजी गार्डन

भव्य महल के बाद अब बारी आती है सयाजी गार्डन की जो महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ को समर्पित है। लगभग 100 तरह की Planned species से सजी इस खूबसूरत गार्डन में दो संग्रहालय एक तारामंडल एक चिडिय़ाघर और एक फूल घड़ी भी है। एक गार्डन में इतना कुछ देखने को मिलेगा यह सोच कर के आप हैरान जरूर हो गए होंगे लेकिन वडोदरा की यही खासियत है कि यहां पर सब कुछ बहुत भव्य और बेहतरीन है।

संग्रहालय

यहां पर स्थित महाराज फतेहसिंग संग्रहालय में आप मराठा शाही परिवार से जुड़ी प्राचीन वस्तुएं और कलाकृतियां देख सकते हैं यहां शाही परिवार के चित्र संगमरमर और कांसे की मूर्तियों के अलावा हिन्दू कथाओं के चित्रण भी मौजूद हैं जिन्हें आपको एक बार जरूर देखना चाहिए।

(EME) ईएमई मंदिर

वडोदरा का यह ईएमई मंदिर की बात करे तो दक्षिणा मूर्ति मंदिर भी कहा जाता है अपनी जियो डेस्क डिजाइन के लिए ये मंदिर जाना जाता है। इस मंदिर की खासियत ये है कि ये मंदिर धर्म निरपेक्षता का समर्थन करता है और इसीलिए इस मंदिर के निर्माण में हर धर्म के पवित्र प्रतीकों को शामिल किया गया है यानी मंदिर के टॉप पर हिन्दू धर्म का प्रतीक कलश है तो डोम इस्लाम का सिंबल है टावर इसाई धर्म को दर्शाता है तो उस पर बनी संरचना बौद्ध धर्म की उपस्थिति दर्शाती है। इस मंदिर के प्रवेश द्वार जैन धर्म से संबंधित है इस तरह देश के हर धर्म को एक छत के नीचे समेटने वाले इस मंदिर में आपको भी एक बार ज़रूर जाना चाहिए।

पर्यटक स्थल और खाने पिने की चीजे

इसके अलावा वडोदरा में देखने के लिए और भी बहुत से पर्यटक स्थल हैं जिन्हें देखकर के आप उत्तेजित अनुभव करेंगे जैसे कि गढ़िया डूंगर की गुफाएं, दभोई हथनी झरने, जरवानी झरना, सूरसागर झील, अरबिंदो आश्रम, मकरपुरा पैलेस और सूर्य मंदिर तो संस्कृति और उद्योग वाले इस शहर का जायका भी इतना अनोखा है कि आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे। ये शहर गुजराती जायके के लिए तो फेमस ही है साथ ही यहां की कुछ Special dishes भी इस शहर को खास पहचान दिलाती है। इसीलिए वडोदरा जब भी आएं यहां के Street food का मजा जरूर ले जिसमें आपको सेव उसल, वड़ा पाव, परसन, ढाबेली, फाफड़ा, जलेबी, कचोरी के अलावा चाइनीज और मेक्सिकन टेस्ट भी मिल जाएगा तो सोचिए कि अभी नाम सुनने से ही मुंह में पानी आ गया तो जब आप इन्हे खाएंगे तो क्या होगा। इसके लिए आपको बड़ोदरा जाना होगा इसीलिए जल्दी कीजिए और इस सुंदर शहर को करीब से देखने और यहां का स्वाद चखने के लिए एकदम तैयार हो जाइए।

खरीदारी

इस Well organized city वडोदरा में आकर के आप खरीदारी का मजा भी लूट सकते हैं। इसके लिए आप यहां के प्रसिद्ध बाजार लहरी पुरा मंदिर बाजार, तीन दरवाजा बाजार, माण्डवी, और मदर मार्केट जा सकते हैं। वडोदरा में 100 साल से भी ज्यादा पुराना खांडेराव मार्केट भी है जो इस शहर का Bgs market है।

वडोदरा क्रिकेट टीम और यातायात की सुविधाएं

इस शहर की एक और दिलचस्प बात ये है कि इस शहर के पास अपनी क्रिकेट टीम भी है और इस शहर में इंडियन क्रिकेट को बहुत सी धुरंधर खिलाड़ी भी दिए हैं जिसे, हार्दिक पांड्या, यूसुफ पठान, इरफान पठान और नयन मोंगिया इस शहर के माहौल की बात करें तो बहुत ही खुशनुमा है और यहां के लोग भी बहुत ही Friendly और खुशमिजाज हैं। वडोदरा पहला ऐसा Non metro city है जो अपनी International मैराथन के लिए भी जाना जाता है। इस शहर में जरूरत की सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं और ये शहर अहमदाबाद, गांधीनगर के अलावा मुम्बई और दिल्ली से भी अच्छे से Connected है। यहां पहुंचने के लिए आप कोई भी विकल्प चुन सकते हैं बस, ट्रेन या प्लेन का विकल्प क्योंकि इसमें भी वडोदरा काफी आगे है क्योंकि यहां का सेंट्रल बस स्टेशन काफी Advanced है और वडोदरा का रेलवे स्टेशन गुजरात का BGS और एकदम स्वच्छ रेलवे स्टेशन है इतना ही नहीं वडोदरा के पास अपना एयरपोर्ट भी है।

ध्यान रखने वाली बाते

एक बात का ध्यान जरूर रखें कि वडोदरा घूमने के लिए सर्दी के मौसम को ही चुनें क्योंकि इस समय यहां पर मौसम काफी अच्छा रहता है जबकि गर्मी में घूमना आपके लिए काफी मुश्किल हो सकता है क्योंकि यहां पर बहुत तेज गर्मी पड़ती है और हो सके तो आप अक्टूबर नवंबर के महीने में यहां पर घूमने आ सकते हैं ताकि नवरात्रि के दिनों में आप गुजराती संस्कृति और वडोदरा के गरबे का जी भर के आनंद उठा सके।

दोस्तो अभी तो आपने वडोदरा घूमा है Tanvish.in के नजरिये से लेकिन please जाकर के अपनी नजर से वडोदरा को जरूर देखिएगा और उसे महसूस कीजिएगा बहुत ही प्यारा शहर है। वैसे उम्मीद करते हैं कि इस जानकारी ने आपको वडोदरा सिटी Visit करने के लिए जरूर Motivate किया होगा तो जरूर घूमकर आइए और अपने Experience हमारे साथ जरूर शेयर करें।

Anil Srivastava
नमस्कार, मैं Anil Srivastava, TanvisH का Technical Author & Co-Founder हूँ! मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे!

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